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पौधों के साथ संवाद करना सीखना: श्री अलेक्जेंड्रे फेरन के साथ साक्षात्कार, 3 का भाग 3

विवरण
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श्री अलेक्जेंड्रे फेरान का बेटा एक ऐसे परिवार में पला-बढ़ा है, जहाँ पौधों के साथ संचार एक रोज़ की घटना है। इस अनुभव ने लड़के को कैसे प्रभावित किया है? उसके लिए कोई संदेह नहीं है। वो ज़िंदा हैं; वे उसे उसके पहले नाम से बुलाते हैं। जब पौधे उसे बुलाते हैं, तो वह जवाब देता है। और फिर चर्चाएँ होती हैं, थोड़ा समय एक साथ।
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