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अब हमारे पास अमेरिका के विवियन से एक हार्टलाइन है:परम प्रिय परम इश्वर गुरुवर, मुझे, मेरी माँ, मेरी बहन और मेरे दोस्त को बचाने हेतु आपका धन्यवाद! 1994 में एक दोस्त मेरी बहन, माँ और मुझे लेकर राजमार्ग पर गाड़ी चला रहा था। एक बाधा से बचते समय उसने स्टीयरिंग जरूरत से ज्यादा मोड़ा और फिर बार-बार विपरीत दिशा में अधिक सुधार किया। हमारी कार पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होकर व्यस्त चार-लेन राजमार्ग पर एक के बाद एक विशाल ‘एस’ आकार के जबरद्त मोड़ लेते हुए बड़े झटके खाने लगी। कई बार लगा कि हम पलटने ही वाले हैं। सामने वाली यात्री सीट से मैंने दोनों ओर अनगिनत कारों को तेज़ी से हमारे पास से गुजरते देखा। विनाशकारी टक्करें निश्चित लग रही थीं। उस भयावह संकट के दौरान एक के बाद एक अटल लग रही हर टक्कर किसी तरह टल गई।मेरी बहन और मैंने हाल ही में दीक्षा ली थी; मैं आपका नाम पुकारना या पवित्र नामों का जाप करना भूल गई। तभी उस अराजकता के बीच मेरे मन में अचानक एक ही विचार चमका: “चमत्कार!” मैं लगातार चीख रही थी, फिर भी अचानक मेरे भीतर एक विचित्र शांति और दृढ़ विश्वास भर गया कि चमत्कार होगा और सब ठीक हो जाएगा। उस क्षण से ऐसा लगा, मानो कोई अदृश्य शक्ति हमारी बेकाबू कार का मार्गदर्शन कर रही हो। गाड़ी घूमी, मुड़ी और अंततः रुक गई। अगले ही क्षण सब कुछ स्थिर हो गया। हमारी कार सामने से आते यातायात की ओर मुँह किए रुक गई। चारों लेनों का यातायात पूरी तरह थम गया। निकटतम गाड़ी 30 मीटर के भीतर थे। हम तुरंत राजमार्ग से बाहर निकल गए।सदमा से बाहर आने पर मुझे एहसास हुआ कि गुरुवर ने सबकी रक्षा की। ऐसे भयावह अनुभव से जीवित बचने के लिए हम स्वर्ग के बहुत आभारी थे! यदि विशुद्ध भौतिक दृष्टि से देखें, तो अनेक टक्करों से बचने का कोई रास्ता नहीं था। यह पहली बार था जब मेरी बहन, मेरी माँ और मैंने आपकी अद्भुत रक्षक शक्ति का अनुभव किया। इसके बाद मेरी बहन और मैंने अधिक लगन से आध्यात्मिक साधना की। दो वर्ष बाद, मेरी माँ, जो सेवानिवृत्त वरिष्ठ इंजीनियर थीं, उन्होंने भी आपसे दीक्षा प्राप्त की। कई वर्ष बाद, जब मैंने एक दीक्षित भाई को यह बताते सुना कि कैसे गुरुवर ने उन्हें गंभीर दुर्घटना से बचाने के लिए उनकी कार को उठाकर दूसरे आयाम में पहुँचा दिया था, तभी मैं अंततः अपने अनुभव और उस दृढ़ विश्वास के स्रोत को समझ पाई।ऐसा लगा, मानो हमें भौतिक संसार से सुरक्षित कर दिया गया था, जबकि हमारी कार एक के बाद एक विशाल ‘S' आकार के मोड़ लेते हुए झटके खा रही थी और दोनों ओर अनगिनत कारें तेज़ी से गुजर रही थीं—फिर भी एक भी टक्कर नहीं हुई। आपने वचन दिया है कि दीक्षा के बाद प्रत्येक शिष्य के साथ गुरुवर का दिव्य शरीर चौबीसों घंटे मौजूद होगा और उनकी रक्षा करेगा, भले ही वह मदद न माँगे। हमने ठीक यही अनुभव किया!कामना है कि अधिकाधिक लोग गुरुवर का अनुसरण करें, वीगन बनें और इस अशांत एवं क्षणभंगुर संसार में आपके असीम प्रेम और संरक्षण का आशीर्वाद पाएँ। सुरक्षा, शांति, स्वास्थ्य और आनंद सदा आपके साथ रहें! अमेरिका से विवियनविवेकशील विवियन, अपनी हृदयस्पर्शी चमत्कारी कहानी साझा करने के लिए धन्यवाद। गुरुवर के इन स्नेहपूर्ण शब्दों को आपके दिल को आनंद से भरने दें:“प्रिय विवियन, कभी-कभी प्रतिकूल अनुभव हमारी आस्था मजबूत करने और सर्वव्यापी ईश्वर से हमारा संबंध गहरा बनाने आते हैं, जो धैर्यपूर्वक हमारी वापसी की प्रतीक्षा करते हैं। अराजकता के बीच भी इस घटना ने आपको शांत विश्वास से भर दिया और आपको तथा आपकी बहन को अधिक गहन साधना करने और आपकी माँ को दीक्षा की ओर बढ़ने में प्रेरित किया - क्वान यिन ध्यान का अच्छी तरह अभ्यास करने और हर क्षण परमेश्वर को स्मरण करने के लिए धन्यवाद। आपकी कहानी दूसरों को अपने भीतर परम ईश्वर का साम्राज्य खोजने के लिए प्रेरित करे। कामना है कि आप और अमेरिका के आस्थावान लोग सदा स्वर्ग के के असीम प्रेम और अटल संरक्षण से घिरे रहें। मैं आप सभी को मेरा प्रेम भेज रही हूँ।”











